Friday, March 20, 2009
बात इतनी सी है बस.....
झुमरू जी काफी परेशान हैं.... हाथ, हाथी, कमल, हंसिया-हथौड़ा, साईकिल, लालटेन..... उफ्फ... कितना सब है याद रखने को... झुमरू जी किसी परीक्षा की तैयारी नहीं कर रहे... बल्कि उनकी ड्यूटी लगी है परीक्षार्थियों को नंबर देने की.... पर परीक्षार्थी इतने ज़्यादा और ऊपर से सबके अपने अपने विषय.... पूरे के पूरे निबंध लिख लिए हैं सबने... और झुमरू जी सिर्फ ये सोच कर परेशान कि क्या भूलूँ क्या याद करूँ..... हाथ के हथकंडे या हाथी का पागलपन, कमल की करतूत या नंदीग्राम मे बजती हँसिया हथौड़े की टन टन टन टन, सीधे सपाट रास्तों पर टेढ़ी चलती साइकिल या दिन की रोशनी को अँधेरे में तब्दील करती लालटेन.... क्या भूलूँ क्या याद करूँ... परेशान हैं अपने झुमरू जी.... मदद कीजिए....
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